फिर सक्रिय हुआ मानसून, 7 दिन तक बारिश का दौर; 25 से ज्यादा जिलों में यलो अलर्ट

फिर सक्रिय हुआ मानसून, 7 दिन तक बारिश का दौर; 25 से ज्यादा जिलों में यलो अलर्ट

Weather Update : छत्तीसगढ़ में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में अगले सात दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। रायपुर समेत कई इलाकों में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। मुंगेली के लोरमी में सबसे ज्यादा 14 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। जनकपुर-भरतपुर और कुकदूर में 13-13 सेंटीमीटर, जबकि तखतपुर और लालपुर में 8-8 सेंटीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। कोटाडोल में 7 सेंटीमीटर तथा रतनपुर और पेंड्रा रोड में 6-6 सेंटीमीटर बारिश हुई।

मौसम विभाग ने बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर समेत कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है।

राजधानी रायपुर में सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है। आसमान में बादल छाए हुए हैं और बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट आई है। अगले कुछ दिनों तक राजधानी में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश और कुछ दौर तेज बौछारों के पड़ने की संभावना है।

मौसम विभाग के मुताबिक 23 से 25 अगस्त के बीच प्रदेश में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ मार्गों पर आवागमन भी प्रभावित होने की आशंका है।

दक्षिण छत्तीसगढ़ के सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और बस्तर के साथ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में मौसम अचानक करवट ले सकता है। इन इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। ऐसे में लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है।

लगातार हो रही बारिश से धान समेत खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है। खेतों में पर्याप्त नमी पहुंचने से किसानों को राहत मिलेगी। हालांकि भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव की समस्या भी सामने आ सकती है।

इस मानसूनी सीजन में अब तक प्रदेश में सामान्य से करीब 6 प्रतिशत कम बारिश हुई है। ऐसे में आने वाले दिनों में मानसून की सक्रियता बारिश की कमी को कुछ हद तक पूरा कर सकती है। मौसम में बदलाव का प्रमुख कारण मध्य भारत के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र और बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाएं मानी जा रही हैं।

कुल मिलाकर अगले सात दिन छत्तीसगढ़ में मानसून के लिहाज से सक्रिय रहने वाले हैं। ऐसे में घर से बाहर निकलते समय मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए छाता या रेनकोट साथ रखना बेहतर होगा। भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी वाले इलाकों में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।