Monsoon Session 2026: 20 जुलाई से शुरू हुए संसद के मानसूत्र का आज 17वां दिन रहा। सत्र के अब सिर्फ दो तीन दिन ही बचे हैं, 13 अगस्त को सत्र का आखिरी दिन है। ऐसे में आज का दिन काफी अहम माना जा रहा है। संसद के मानसून सत्र के दौरान आज मंगलवार को कई महत्वपूर्ण विधायी मुद्दों पर कार्यवाही आगे बढ़ी। संसद के मानसून सत्र में कई अहम विधेयक पारित हुए. ‘केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026’ और ‘नेशनल को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (संशोधन) विधेयक, 2026’ लोकसभा से पास हो गए। वहीं ‘ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स बिल, 2026’ को राज्यसभा में विचार और पारित करने के लिए लिया गया।
NCDC के अधिकार क्षेत्र का होगा विस्तार
सरकार ने सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) के अधिकार क्षेत्र का विस्तार करना है। विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच, सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने यह विधेयक पेश किया।
नेशनल को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन यानी NCDC एक वैधानिक संस्था है, जिसकी स्थापना वर्ष 1963 में राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम अधिनियम, 1962 के तहत की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य सहकारी क्षेत्र से जुड़े कृषि उत्पादों, खाद्य वस्तुओं और अन्य अधिसूचित उत्पादों के उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन, भंडारण तथा आयात-निर्यात से संबंधित योजनाओं को बढ़ावा देना और उन्हें वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।
प्रस्तावित संशोधन के जरिए NCDC की भूमिका और कार्यक्षेत्र को व्यापक बनाने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत संस्था की जिम्मेदारी केवल सहकारी समितियों के माध्यम से चलने वाली योजनाओं तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सहकारी विकास से जुड़े व्यापक कार्यक्रमों को भी इसके दायरे में शामिल किया जाएगा।
सीधे ऋण और अनुदान देने का प्रस्ताव
संशोधन विधेयक में NCDC को सहकारी समितियों के अलावा सहकारी विकास से संबंधित संस्थानों को भी सीधे ऋण और अनुदान उपलब्ध कराने की शक्ति देने का प्रावधान है। हालांकि, इस वित्तीय सहायता का इस्तेमाल निर्धारित सहकारी उद्देश्यों के लिए ही किया जाना होगा। विधेयक में कहा गया है कि जून 2021 में अलग सहकारिता मंत्रालय के गठन और सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से उठाए गए कदमों के बाद NCDC की भूमिका पहले की तुलना में काफी बढ़ी है। इसी बदलती जरूरत को ध्यान में रखते हुए इसके अधिकार क्षेत्र में विस्तार का प्रस्ताव रखा गया है।
केरल के नाम से जुड़ा विधेयक भी पास
लोकसभा ने ‘केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026’ को भी पारित कर दिया। यह विधेयक राज्य के नाम से संबंधित बदलाव के प्रस्ताव से जुड़ा है। इसके पारित होने के साथ ही विधायी प्रक्रिया में एक और महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है।
राज्यसभा में ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स बिल पर चर्चा
उधर, राज्यसभा में ट्रिब्यूनल्स रिफॉर्म्स बिल, 2026 को विचार और पारित करने के लिए लिया गया। विधेयक को लेकर सदन में आगे की चर्चा और प्रक्रिया जारी रहने की संभावना है। सदन की कार्यवाही के दौरान लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी दलों से सदन सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि विपक्ष की दोनों प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया गया है और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह छात्रों से जुड़े मुद्दे पर होने वाली चर्चा में हिस्सा लेंगे।
बता दें कि, ट्रिब्यूनल ऐसी संस्था होते हैं जो अदालतों की तरह विवादों का निपटारा करते हैं। इनके कामकाज को स्वतंत्र और पारदर्शी तथा प्रभावी बनाने के लिए ही सरकार ट्रिब्यूनल रिफॉर्म्स बिल लाई है. इस कानून के पारित होने के बाद देश के 16 बड़े राष्ट्रीय ट्रिब्यूनलों में नियुक्ति तथा निगरानी के लिए एक राष्ट्रीय ट्रिब्यूनल आयोग का गठन किया जाएगा।
मानसून सत्र के अंतिम दिनों में छात्रों के आंदोलन सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच राजनीतिक खींचतान जारी है। ऐसे में महत्वपूर्ण विधेयकों पर संसद की कार्यवाही के साथ-साथ आने वाले दिनों में सदन के भीतर राजनीतिक बहस भी तेज रहने के आसार हैं।