नई दिल्ली। अक्टूबर की शुरुआत महंगाई के झटके के साथ हुई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 1 अक्टूबर 2026 से एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें जारी कर दी हैं। इस बार 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में बड़ी बढ़ोतरी की गई है। सिलेंडर की कीमत में 62.50 रुपये का इजाफा हुआ है। हालांकि, आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
दिल्ली में 19 किलो का सिलेंडर अब 2,810 रुपये
नई कीमत लागू होने के बाद राजधानी दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 62.50 रुपये बढ़कर 2,810 रुपये हो गई है। इससे पहले सितंबर में भी इस सिलेंडर के दाम में 9.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। त्योहारी सीजन से ठीक पहले कमर्शियल गैस की कीमत बढ़ने का सीधा असर कारोबारियों की लागत पर पड़ सकता है। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और कैटरिंग कारोबार में एलपीजी का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है। ऐसे में ईंधन खर्च बढ़ने से इनके संचालन की लागत भी बढ़ सकती है।
घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में राहत
कमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने के बावजूद घरेलू रसोई गैस उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है। 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर के दाम में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। शहरों के हिसाब से घरेलू सिलेंडर की कीमत इस प्रकार है-दिल्ली: 942 रुपये, मुंबई: 941.50 रुपये, चेन्नई: 957.50 रुपये, कोलकाता: 968 रुपये। यानी घरेलू उपभोक्ताओं के लिए अक्टूबर की शुरुआत पुराने रेट पर ही हुई है।
पटना में सबसे महंगा कमर्शियल सिलेंडर
19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की नई कीमतों में बिहार की राजधानी पटना सबसे महंगे शहरों में शामिल है। यहां सिलेंडर की कीमत 3,029 रुपये से बढ़कर 3,100.50 रुपये हो गई है। इस बढ़ोतरी के बाद अलग-अलग शहरों में कमर्शियल LPG इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों को अब पहले की तुलना में ज्यादा खर्च करना होगा।
हर महीने की पहली तारीख को बदलते हैं LPG के रेट
ऑयल मार्केटिंग कंपनियां आमतौर पर हर महीने की पहली तारीख को LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसके बाद सुबह नए रेट जारी किए जाते हैं। कीमतों में बदलाव का असर खासतौर पर कमर्शियल सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों पर पड़ता है। फिलहाल कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा हुआ है, जबकि घरेलू 14.2 किलो वाले सिलेंडर की कीमतें स्थिर हैं। त्योहारों के दौरान बाहर खाने-पीने और कैटरिंग सेवाओं की लागत पर इस बढ़ोतरी का असर देखने को मिल सकता है।