कोरबा :- छत्तीसगढ़ के कोरबा और महासमुंद जिलों में हाथियों के दल से बिछड़े (लोनर) हाथियों की मौजूदगी के कारण दो बड़ी और खतरनाक घटनाएं सामने आई हैं। कोरबा जिले के केंदई वन परिक्षेत्र के अंतर्गत चोटिया राष्ट्रीय राजमार्ग पर उस समय अफरा-तफरी मच गई जब हाथियों के दल से अलग हुआ एक लोनर हाथी मुख्य सड़क पर आ गया। इस दौरान वहां मौजूद लोग और राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर हाथी को देखने, उसका वीडियो बनाने और उसके साथ सेल्फी लेने के लिए उसके बेहद करीब पहुंच गए। भीड़ और शोरगुल के कारण हाथी अचानक आक्रामक हो गया और उनकी तरफ दौड़ा, जिससे वहां भगदड़ मच गई और यातायात भी काफी हद तक प्रभावित हुआ, हालांकि गनीमत यह रही कि लोग सुरक्षित निकलने में सफल रहे।
दूसरी घटना महासमुंद जिले के महासमुंद वन परिक्षेत्र के अंतर्गत झलप के समीप स्थित कछारडीह गांव की है, जहां एक लोनर हाथी के हमले का शिकार ग्रामीण दर्शन यादव (उम्र 55 वर्ष) हो गए। इस भयानक हमले में उनके सिर, चेहरे, नाक और कान पर गंभीर चोटें आई हैं। इन दोनों घटनाओं से यह साफ जाहिर होता है कि जंगली या दल से बिछड़े हाथियों के पास जाकर वीडियो बनाने या लापरवाही बरतने से किस हद तक जानलेवा खतरे उत्पन्न हो सकते हैं।