भारत ने किया अग्नि-4 का सफल परीक्षण, सामरिक मिसाइल क्षमता को मिली नई मजबूती

भारत ने किया अग्नि-4 का सफल परीक्षण, सामरिक मिसाइल क्षमता को मिली नई मजबूती

भारत ने अपनी मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का गुरुवार को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण सामरिक बल कमान (एसएफसी) की निगरानी में किया गया। परीक्षण के दौरान मिसाइल से जुड़े सभी परिचालन और तकनीकी मानकों की सफलतापूर्वक पुष्टि हुई।

निर्धारित उड़ान मार्ग पर सफलतापूर्वक चली मिसाइल

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अग्नि-4 का परीक्षण पूरी तरह सफल रहा। मिसाइल ने निर्धारित उड़ान मार्ग का पालन करते हुए सभी मिशन उद्देश्यों को पूरा किया। परीक्षण से अग्नि-4 की परिचालन विश्वसनीयता और भारत की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता को एक बार फिर मजबूती मिली है।

स्वदेशी विकसित मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल

अग्नि-4 भारत की स्वदेशी रूप से विकसित मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है। यह देश की विश्वसनीय सामरिक प्रतिरोधक क्षमता को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से किया गया यह परीक्षण भारत के सामरिक मिसाइल कार्यक्रम की निरंतर प्रगति को दर्शाता है।

नियमित परीक्षणों से युद्धक तैयारी मजबूत

रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, मिसाइल प्रणालियों के नियमित उपयोगकर्ता परीक्षण उनकी परिचालन विश्वसनीयता और युद्धक तैयारी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस तरह के परीक्षणों से संबंधित प्रणालियों के प्रदर्शन और परिचालन मानकों का आकलन भी किया जाता है।

मई में अग्नि-1 का भी हुआ था सफल परीक्षण

इससे पहले भारत ने अपनी सामरिक क्षमता को मजबूत करते हुए कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-1 का सफल परीक्षण किया था। 22 मई को ओडिशा के चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज से किए गए इस परीक्षण के दौरान मिसाइल के सभी परिचालन और तकनीकी मानकों का सफलतापूर्वक सत्यापन किया गया था। यह परीक्षण भी सामरिक बल कमान की निगरानी में हुआ था।

अग्नि-1 मिसाइल श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा

रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अग्नि-1 भारत की स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह कम दूरी तक सटीक मार करने में सक्षम है और देश की सामरिक प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करती है। परीक्षण के दौरान मिसाइल ने निर्धारित लक्ष्य और उड़ान मानकों को सफलतापूर्वक हासिल किया था।

लंबी दूरी की कुश मिसाइल का भी परीक्षण

भारत ने जुलाई में लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली ‘कुश’ का पहला सफल उड़ान परीक्षण किया था। इस प्रणाली को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने विकसित किया है। इसका परीक्षण ओडिशा तट पर स्थित डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से किया गया था।

वायु रक्षा क्षमता को मिली नई मजबूती

कुश मिसाइल प्रणाली लंबी दूरी से आने वाले हवाई खतरों को बेअसर करने के लिए विकसित की गई है। इसके सफल परीक्षण के साथ भारत की लंबी दूरी की वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।