वॉशिंगटन/तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर दिखाई दे रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी, हूती हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर चिंता के चलते कच्चे तेल की कीमतों में अचानक तेजी आई है। ब्रेंट क्रूड ऑयल करीब 4 फीसदी उछलकर 88 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। इससे पहले लगातार तीन दिनों तक गिरावट के बाद तेल कीमतों में यह बड़ा बदलाव देखने को मिला है। बाजार की नजर अब पश्चिम एशिया की स्थिति और तेल आपूर्ति पर बनी हुई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच बातचीत के बाद कूटनीतिक समाधान पर जोर दिया गया है। हालांकि, क्षेत्रीय तनाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है, जिससे निवेशकों की चिंता बनी हुई है। तेल बाजार में सबसे बड़ी चिंता होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर है, क्योंकि दुनिया की बड़ी मात्रा में तेल आपूर्ति इसी मार्ग से होती है। यहां किसी भी तरह की बाधा वैश्विक कीमतों को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान संबंध, सुरक्षा हालात और तेल सप्लाई की स्थिति तय करेगी कि कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ेंगी या राहत मिलेगी। बढ़ते तनाव से महंगाई और ईंधन कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।