देश के 48 उत्कृष्ट शिक्षकों को मिलेगा राष्ट्रीय पुरस्कार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी सम्मानित

देश के 48 उत्कृष्ट शिक्षकों को मिलेगा राष्ट्रीय पुरस्कार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी सम्मानित

नई दिल्ली: देशभर में आज 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। इस खास अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में देश के 48 उत्कृष्ट स्कूल शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित करेंगी। सम्मान पाने वाले शिक्षकों में केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय, सैनिक स्कूल, आदर्श जनजातीय स्कूल और पीएम श्री स्कूल सहित विभिन्न संस्थानों के शिक्षक शामिल हैं। 

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुने गए 48 शिक्षकों में 26 पुरुष और 22 महिला शिक्षक हैं। राज्यों की बात करें तो उत्तर प्रदेश से तीन, जबकि बिहार और मध्य प्रदेश से दो-दो शिक्षकों का चयन किया गया है

लातूर के गणित शिक्षक वैभव कुलकर्णी भी सूची में

राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों में महाराष्ट्र के लातूर स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के गणित शिक्षक वैभव वसंतराव कुलकर्णी भी शामिल हैं। उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चुना गया है। कुलकर्णी के पास तीन दशक से अधिक का शिक्षण अनुभव है। गणित जैसे विषय को विद्यार्थियों के लिए आसान और रोचक बनाने के उद्देश्य से उन्होंने पढ़ाने के कई नए तरीके अपनाए। इसके अलावा उन्होंने कम लागत में तैयार किए जा सकने वाले विभिन्न लर्निंग एड्स विकसित किए, ताकि विद्यार्थी गणितीय अवधारणाओं को बेहतर तरीके से समझ सकें।

तीन स्तरों की प्रक्रिया से हुआ शिक्षकों का चयन

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए 48 शिक्षकों का चयन जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर हुई तीन चरणों वाली प्रक्रिया के बाद किया गया है। इस पुरस्कार का उद्देश्य ऐसे शिक्षकों के काम को सामने लाना है, जिन्होंने अपने समर्पण, मेहनत और नवाचार के जरिए स्कूली शिक्षा को बेहतर बनाने में योगदान दिया है। साथ ही विद्यार्थियों के सीखने, व्यक्तित्व विकास और भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देना भी इसका प्रमुख उद्देश्य है।

किन शिक्षकों को मिलता है राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार?

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार उन शिक्षकों को दिया जाता है, जिन्होंने अपने कार्यक्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हों। इसके लिए मुख्य रूप से ऐसे योगदानों को महत्व दिया जाता है—

  • स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए प्रभावी पहल करना।
  • विद्यार्थियों की पढ़ाई और समग्र विकास में उल्लेखनीय योगदान देना।
  • शिक्षण में नए, रचनात्मक और प्रभावी तरीकों का प्रयोग करना।
  • अपने कार्यों के जरिए अन्य शिक्षकों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करना।

1958 में हुई थी राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार की शुरुआत

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार की शुरुआत 1958 में हुई थी। इसका उद्देश्य देश के समर्पित और उत्कृष्ट शिक्षकों के योगदान को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करना और शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्यों को पहचान दिलाना है। समय के साथ यह पुरस्कार उन शिक्षकों के लिए महत्वपूर्ण राष्ट्रीय सम्मान बन गया है, जो अपने नवाचार और समर्पण के जरिए विद्यार्थियों की शिक्षा को बेहतर बनाने में योगदान देते हैं।

पीएम मोदी भी कर चुके हैं पुरस्कार विजेता शिक्षकों से मुलाकात

राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार पाने वाले शिक्षकों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मुलाकात कर चुके हैं। वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार विजेताओं से बातचीत की थी। उस समय कुल 82 शिक्षकों को यह सम्मान दिया गया था। इस मुलाकात के दौरान तमिलनाडु से आई एक शिक्षिका ने स्थानीय भाषा में पढ़ाई की जरूरत का मुद्दा उठाया था। इस पर प्रधानमंत्री ने मातृभाषा में शिक्षा के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा था कि नई शिक्षा नीति में स्थानीय और मातृभाषाओं पर विशेष जोर दिया गया है।

 वहीं पिछले साल शिक्षक दिवस से एक दिन पहले प्रधानमंत्री मोदी ने दिल्ली में राष्ट्रीय पुरस्कार पाने वाले 45 शिक्षकों से मुलाकात की थी। करीब 35 मिनट के संबोधन में उन्होंने शिक्षा के साथ-साथ GST सुधार, ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े कानून और आत्मनिर्भर भारत जैसे मुद्दों पर भी चर्चा की थी। आज एक बार फिर शिक्षक दिवस के अवसर पर देश के 48 शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान उनके समर्पण, नवाचार और विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में योगदान को पहचान देने का अवसर होगा। 

यहां देखें पूरी सूची

क्र.सं. नाम राज्य / केंद्र शासित प्रदेश / संगठन
1 जे प्रकाश राव अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह
2 राजेश कौलुरी आंध्र प्रदेश
3 याकू तामे अरुणाचल प्रदेश
4 राजेश बोरदोलोई असम
5 खुशबू कुमारी बिहार
6 पुष्पा प्रसाद बिहार
7 राधा राजेश सी.आई.एस.सी.ई.
8 संगीता यादव सी.बी.एस.ई.
9 रवि जायसवाल चंडीगढ़
10 सुनिता यादव छत्तीसगढ़
11 पटेल पूर्णिमा मोहनलाल दादरा और नगर हवेली एवं दमन और दीव
12 सुमन गोयल दिल्ली
13 मो. ज़फर आलम एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय (जनजातीय कार्य मंत्रालय)
14 महादेव हनमंत शिंदे गोवा
15 नितिनकुमार महेंद्रकुमार पाठक गुजरात
16 अनिल कौशिक हरियाणा
17 मंजरी वी महाजन हिमाचल प्रदेश
18 मोहम्मद अयाज रैना जम्मू और कश्मीर
19 मुनमुन भट्टाचार्जी झारखंड
20 रत्नाकुमारी एस कर्नाटक
21 अमुथा जे केंद्रीय विद्यालय संगठन
22 डॉ. मनीषा क्षेत्रपाल केंद्रीय विद्यालय संगठन
23 सुनील कुमार केपी केरल
24 मोहम्मद मुस्तफा कुमल लद्दाख
25 डॉ. अर्चना शुक्ला मध्य प्रदेश
26 शैलेंद्र प्रताप सिंह मध्य प्रदेश
27 डॉ. कविता नरसिंगराव गित्ते महाराष्ट्र
28 कुंदा जयवंत बच्छाव महाराष्ट्र
29 वांगलेम्बम गोबिन सिंह मणिपुर
30 लालनुनमावी मिजोरम
31 आर रोनाल्ड मेरु नगालैंड
32 वैभव वसंतराव कुलकर्णी नवोदय विद्यालय समिति
33 पदराज उमाकांत नायक ओडिशा
34 गणेसन एस पुडुचेरी
35 दिनेश कुमार पंजाब
36 डॉ. दिव्येंदु सेन राजस्थान
37 डॉ. वर्तिका गुलाटी राजस्थान
38 शिवप्रसाद अरविंद टिंगरे रक्षा मंत्रालय के तहत सैनिक स्कूल
39 सुषमा तमंग सिक्किम
40 थंगा राज एम तमिलनाडु
41 भवानी बोमपेल्ली तेलंगाना
42 रंजन देबनाथ त्रिपुरा
43 डॉ. रेनू त्रिपाठी उत्तर प्रदेश
44 डॉ. इफ्तिखार खान उत्तर प्रदेश
45 शालिनी कुशवाहा उत्तर प्रदेश
46 गबर सिंह उत्तराखंड
47 पलाश चौधरी पश्चिम बंगाल
48 शांतनु पात्रा पश्चिम बंगाल